About Us

 

What is a PJS Member ID and why should you register to get it?

  • PJS Member ID is your individual Identity in the community
  • This will help you take count of you in the Community level census digitally
  • The Member ID will help you register in community events using digital medium
  • It will provide you opportunity to connect with other community members for matrimonial, business and other general assistance

How to register on the website and get your Member ID (MIDXXXX)?

  1. Click HERE to SIGNUP on this website. Fill up the form and submit it. You will receive a Reference ID (RIDXXXX) on your provided email address. 
  2. At the same time your details will be reviewed by our Porwad Jain Samaaj Admin team. Once approved, you will get your Member ID
    (" MIDXXXX") and password on your registered email.
  3. Use the Member ID and Password to log in the website. If you face any issues SIGNING UP, drop us an email support@porwadjain.com

Upcoming Features

  • PJS Card for Porwad Jain Samaaj members
  • Social help from the Community to the community in different ways
  • Special Schemes for Business community
  • Loyalty Card Programmes for all
  • Insurance and Health Schemes        

About us

य पोरवाड़ सामाजिक मंच* की स्थापना  आज से 5वर्ष पहले *जनवरी 2018* को मंच गठन की  प्रथम बैठक हुई।

6 मार्च 2018* को मंच  गठन हुआ।

सामाजिक एकता ही समाज का विकास है।इस उद्देश्य के साथ जो जो कारवां निमाड़ से शुरू हुआ बढ़ते बढ़ते भारत देश के 17 जोन से सात समुंदर पार पहुंचा। संस्थापक सदस्यों ने कुछ उद्देश्य लेकर मंच का गठन किया समाज जन जुड़ते चले गए मंच की सेवाभावी कर्मठ कार्यकर्ताओं ने 5 साल पहले जो पौधा रूपा था आज वह वटवृक्ष बन गया।

मंच के उद्देश्य

समाज की प्रतिभाओं को आगे लाना।

आर्थिक रूप से कमजोर समाज के परिवारों को रोजगार शुरू करने मे मदद करना।

समाज को एकजुट करना।

पंथवाद और रूढ़िवादी परंपरा से दूर समाज का कल्याण करना।

महिला प्रकोष्ठ द्वारा गर्मियों में संस्कार शिविर बचपन से पचपन तक प्रत्येक आयु वर्ग के लिए किया गया जिसमें धार्मिक कक्षाओं के साथ क्राफ्ट और नैतिक सामाजिक मूल्यों की शिक्षा भी हमारे विशेषज्ञों द्वारा दी गई थी शिविर के अंत में परीक्षा ली गई थी जिसमें करीब ढाई सौ लोगों ने भाग लिया था इस कार्यक्रम का समापन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा जी में किया गया था

पोरवाड़ सामाजिक मंच मैं प्रथम मैत्री सम्मेलन मंडलेश्वर में किया था जिसमें सारा दिन आनंदमयि गतिविधियों के साथ विभिन्न प्रकार के खेल फूड स्टॉल नृत्य फैंसी ड्रेस आदि कार्यक्रम संपन्न हुए समाज की विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान किया गया।

 परिचय सम्मेलन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिचय सम्मेलन का आयोजन मंच के द्वारा किया गया जिसमें 325 युवक-युवतियों का परिचय ऑनलाइन जून के माध्यम से किया गया 3 दिन के विशाल सम्मेलन में ऑनलाइन प्रत्याशी और उनके परिवारों का परिचय कराया गया परिचय सम्मेलन के माध्यम से कई प्रत्याशियों के साथ कार्यक्रम के दौरान ही हो गए

पोरवाड़ सामाजिक मंच ने दितीय पुष्प के रूप में सनावद जॉन के द्वारा स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया मंच के द्वारा कई रंगारंग प्रतियोगिताओं में दर्शकों को सारा दिन बांधे रखा विवाह की थीम पर सारे कार्यक्रम समूह नृत्य फैंसी ड्रेस कपल गेम बच्चों के गेम हुए जिससे हमारी निमाड़ की संस्कृति से सभी रूबरू हुए

पोरवाड़ सामाजिक मंच द्वारा कोरोना काल में एक सोपान  

मंच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा गया।

करीब 20 देशों के 90 परिवारों को मंच से जोड़ा गया

अंतरराष्ट्रीय जोन का गठन हुआ।

देश विदेश के धार्मिक मंदिरों के दर्शन का 3 घंटे का  कार्यक्रम हुआ जिसमें ऑस्ट्रेलिया कनाडा सिंगापुर दुबई और अमेरिका के सुप्रसिद्ध जैन मंदिरों के दर्शन कराए गए

पोरवाड़ सामाजिक मंच के द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के प्रसिद्ध कवियों के साथ 3 घंटे का कवि सम्मेलन उत्तर भारत जोन से किया गया था जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कवि राकेश रविंद्रजी, राहुल जी, नीरज जी शामिल हुए कवि सम्मेलन के सूत्रधार अंतिम जी अंजड़ एवम देश की सुप्रसिद्ध कवित्री अंजलि जी ने किया सारा कार्यक्रम ऑनलाइन रूम के माध्यम एवं यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया गया

अंतरराष्ट्रीय पोरवाड़ सामाजिक मंच के महिला प्रकोष्ठ के द्वारा धार्मिक शिक्षा के लिए पाठशाला की शुरुवात की गई। 700बच्चो। 40शिक्षको द्वारा हफ्ते में 2 दिन धार्मिक शिक्षा दी जाती है

मंच के लिए  ऐतिहासिक क्षण तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी की यात्रा 1200 से यात्रियों के साथ स्पेशल ट्रेन द्वारा आज की यात्रा का संकल्प सितंबर 2021 में पूर्ण हुआ 7 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं द्वारा भक्ति भाव मस्ती और आनंद के साथ धर्म लाभ लिया गया